Friday, 25 January 2013

वह हृदय ही क्या है , जिस हृदय में स्वदेश का प्यार नहीं .... !

कल 26 जनवरी है आप सभी को गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ... ! 

आज दुनिया हमारी तरफ़ आशाओं की निगाहों से देख रहा है ... 
अब दिन यह सोचने का नहीं है की हमे देश ने किया दिया ... ! 
अब वक़्त है यह सोचने का है की हमने देश के लिए क्या किया ... 
अब हम भी कुछ ऐसा करें की भारत विजय की आभा में रंग जाए ॥ 

फिर भी कुछ सवाल मन में उठते है की कैसा यह ‘गणतन्त्र’ ... ?
जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का शासन वाला ‘गणतन्त्र’ ... !
या अधिकारी और व्यापारी द्वारा बनाया गया स्वार्थपूर्ण वाला ‘गणतन्त्र’ ... ? - लिली कर्मकार

आइए गणतन्त्र दिवस के पावन पर्व पर शपथ लें कि हम देश के लिए योगदान करेंगे, कुछ ऐसा योगदान जो देश को और आगे ले जा सके .... ।

जय हिन्द , जय माँ भारती ... !

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