Thursday, 15 November 2012

इंसान जबतक नेता न बन जाए तबतक वो ‘आम आदमी’ रहता है और आम आदमी का भाई/बहन , दोस्त सबकुछ रहता है ... ! जब नेता बन जाते है तब आम जनता से उनका कोई नाता नहीं रहता (दो/चार अपवादों को छोड़ कर) ... ! 

नेता बनते ही , सभी अपना फाइदा लूटने में ही अपना समझदारी समझते है ... । हमे बस इतना कहना है कई नेता आम जनता को लूट कर अपना बैंक बैलेन्स (Bank Balance) बढ़ता है ... और आम जनता को भूल जाते है ... ! सभी लुटेरे नेताओं से बस येही निवेदन है - आप सभी को जितना लूटना था आप सभी ने लूट लिए ... ! अब थोड़ा आम आदमी को भी उनका हक दे ही दीजिये ... ! और देश एवं समाज को प्रगति के और ले जाने में मदद कीजिये ... ! 

जय हिन्द , जय माँ भारती ... !

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