Tuesday, 2 October 2012

यह कौन सा सभ्य समाज है ..... जहां तीन / चार साल की बच्चियों के साथ बलात्कार किया जाता है .... ? क्या हम लोगो को शर्म नहीं आनी चाहिए की हम ऐसे समाज के हिस्से है जहां अपनी हवस मिटाने के लिए बच्चों तक को नहीं छोड़ते .... ! हम सभी को तो बलात्कार जैसे शब्दों से बहुत घृणा है ... यहाँ तक की लोग अक्सर बोलने में भी संकोच का अनुभव करते हैं ..... लेकिन बलात्कार करने में बिलकुल भी शर्म नहीं आती .... वो भी अबोध
 और मासूम बच्चों के भी साथ ...! जिन बच्चों को अभी स्त्री और पुरुष का भेद तक का पता नहीं, जिन्हें शारीरिक संबंधों की परिभाषा का ज्ञान नहीं , उन मासूम बच्चों के साथ बलात्कार ....!!

दुनिया में इससे घृणित कृत्य और कुछ हो ही नहीं सकता । ये दुनिया का सबसे घिनौना अपराध है जिसके लिए कठोरतम दंड की व्यवस्था होनी चाहिए ... क्योंकि इस अपराधिक मानसिकता के व्यक्ति खुद के , पडोसी के , रिश्तेदारों के ….. यानि अपने संपर्क में आ सकनेवाले हर बच्चे के लिए गंभीर खतरा होते हैं ।

अतः समाज के हर सदस्य को इस प्रवृति के प्रति संवेदनशील होना चाहिए तथा ऐसे घिनौने काम करनेवालों के प्रति कठोरतम रवैया अपनाना चाहिए चाहे वो कितने ही करीबी, किसी भी सामाजिक हैसियत के क्यों न हों ..... ।

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