Saturday, 1 September 2012

घर घर में यह नारा है ....

भारत देश हमारा है ...... !!!

ईमान अपना कितना बेईमान .....

फिर भी हमे कितना अभिमान … !

नेता बाबू करे हाहाकार ...

खुला छोड़ो भ्रष्टाचार का बाज़ार ... !

कर रहे है जो देश को नीलाम ...

उसके हाथो में ही आज देश गुलाम .... !

झूठ , धोखा फितरत में जिसकी ...
वो है अब सरकार हमारी ..... !!! – लिलि कर्मकार
 


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