Friday, 31 August 2012

***!!! जीवन – मृत्यु !!!***

१। धर्म ही जीवन है और अधर्म ही मृत्यु ।

२। प्रेम ही जीवन है और मोह ही मृत्यु ।

३। परोपकार ही जीवन है और स्वार्थ ही मृत्यु ।

४। संतोष ही जीवन है और लोभ (तृष्णा) ही मृत्यु ।

५। विद्या ही जीवन है और अविद्या ही मृत्यु ।

६। पुरुषार्थ ही जीवन है और आलस्यता ही मृत्यु ।

७। उदारता ही जीवन है और कृपणता ही मृत्यु ।

८। ब्रह्मचर्य ही जीवन है और व्यभिचार ही मृत्यु ।

९। वीरत्व ही जीवन है और कापुरुषता ही मृत्यु ।

१०। पवित्रता ही जीवन है और अपवित्रता ही मृत्यु ।

११। मैत्रीभावना ही जीवन है और घृणा ही मृत्यु ।

१२। अहिंसा ही जीवन है और हिंसा ही मृत्यु ।
 

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