Thursday, 1 May 2014

नेताओं के सभ्य आचरण

काँग्रेस पार्टी ने पिछले दस सालों की अपनी नाकामयाबी छिपाने के लिए वास्तविक राष्ट्रीय मुद्दों से पीछे हटकर चुनाव में नरेन्द्र मोदी जी पर व्यक्तिगत आक्षेप और झूठे आरोपों की राजनीति की शुरुवात की लगभग सभी विरोधी पार्टी के नेताओं ने मोदी को राजनीति की मर्यादा तोड़ कर अपशब्द कहे कुछ भाजपा नेताओं ने भी पलट कर भाषा की मर्यादा तोड़ी हालांकि मोदी जी ने कभी अपने ऊपर हुए अपशब्दों के प्रयोग का जबाब नहीं दिया इसका प्रभाव चुनाव के परिणामों में अवश्य दिखेगा फिलहाल भाजपा चुनाव में बढ़त लेकर चल रही है उसको अपने नेताओं पर नियंत्रण रखना चाहिए सुशाशन की शुरुआत अच्छे पार्टी और और उसके नेताओं के सभ्य आचरण से होती है !!

जय हिन्द, जय भारत !!

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