Saturday, 5 April 2014

एकाकीपन

बचपन में अगर एकाकीपन मिले तो किसी भी इंसान के मन पर, पूरे जीवन भर के लिए डर पैदा करा देती है | इसका प्रभाव इतना बुरा होता है कि शारीरिक तौर पे विकसित होने बाद भी इस डर को नहीं निकल पाते हैं | जिस किसी इंसान के मन में ये दर हो और उसे किसी खास के द्वारा अगर मानसिक सहयोग, घनिष्टता या प्यार बड़े होने पर मिले, तो भी इसे उस व्यक्ति के खोने का डर जीवन भर सताती रहती है की कहीं वो छीन न जाए | इस स्वाभाव से भी बुरा असर पड़ता है, क्यूंकि फिर वो उस अपनत्व में खास इंसान के प्रति हमेशा सजग और इतना ज्यादा संवेदनशील हो जाता है कि छोटी छोटी बातों पे लड़ना-झगड़ना-रूठना हो जाता है | जिस से वो खास इंसान को भी खीज़ की भावना उत्पन्न हो जाती है |

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