Wednesday, 19 December 2012

इस दुनिया की रीत भी कुछ अजीब है ...
जहां देखो इंसान बेकार की बातों में व्यस्त है ... !
न किसी को भक्ति में और
न ही अपने अंदर छुपी शक्ति में विश्वास है ... !
भगवान से ज़्यादा जात पात को लेकर लड़ते है ...
मंत्र कम और गालीयाँ ज़्यादा झाड़ते है ... ! - लिली कर्मकार

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