Saturday, 1 September 2012

भारतीय राजनीति के ऊपर बोले गये ओशो जी का कुछ शब्द जो मेरे अन्तर-मन को बहुत ही छूता है ......... 

राजनीति कोई जीवन का ऐसा अलग हिस्सा नहीं है , जो धर्म से भिन्न हो , साहित्य से भिन्न हो , कला से भिन्न हो । हमने जीवन को खंडों में तोड़ा हैं सिर्फ सुविधा के लिए । जीवन इकट्ठा है । तो राजनीति अकेली राजनीति ही नहीं है , उसमें जीवन के सब पहलू और सब धाराएँ जुड़ी है । और जो आजका है , वह भी सिर्फ आजका नही
ं है , सारे कल उसमें समाविष्ट है ।

भारत का पूरा अतीत इतिहास और भारत का पूरा चिंतन राजनीति के प्रति वैराग सिखाता है । अच्छे आदमी को राजनीति में नहीं जाना है , यह भारत की शिक्षा रही है । और जिस देश का यह खयाल हो की अच्छे आदमी को राजनीति में नहीं जाना है , अगर उसके राजधानियों में सब बुरे आदमी इकट्ठे हो जायें तो आश्चर्य नहीं । जब हम ऐसा मानते है की अच्छे आदमी का राजनीति में जाना बुरा है , तो बुरे आदमी का राजनीति में जाना अच्छा हो जाता है । वह उसका दूसरा पहलू है ।

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