Saturday, 1 September 2012

स्वदेशी आपनाओ देश को बचाओ .........

स्वदेशी उद्योग, स्वदेशी शिक्षा, स्वदेशी चिकित्सा, स्वदेशी तकनीकी, स्वदेशी ज्ञान, स्वदेशी खानपान, स्वदेशी भारतीय भाषा, स्वदेशी वेशभूषा एवं स्वदेश के स्वाभिमान के बिना विश्व का कोई भी देश महान नहीं बन सकता। 

जय हो ...... जय माँ भारती ...... वन्दे मातरम् .......!!!

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